बालतोड़ (Pilonidal Sinus) क्या है?
रीढ़ की हड्डी के निचले सिरे पर, कूल्हों के बीच के हिस्से में होने वाले दर्दनाक फोड़े या सुराख को बालतोड़ (Pilonidal Sinus) कहा जाता है। इसमें त्वचा के अंदर एक नली बन जाती है जिसमें बाल, धूल और बैक्टीरिया जमा होकर मवाद (pus) बना देते हैं।
बालतोड़ के मुख्य लक्षण
- कूल्हे के जोड़ के पास तेज, असहनीय दर्द होना।
- उठने, बैठने या पीठ के बल लेटने में परेशानी होना।
- प्रभावित हिस्से में सूजन, लालिमा और दबाने पर मवाद या खून निकलना।
- मवाद निकलने पर दुर्गंध आना और कुछ मामलों में हल्का बुखार होना।
बिना चीरे-टांके का लेजर इलाज (SiLaC)
पहले बालतोड़ के लिए बड़े ऑपरेशन किए जाते थे, जिसमें महीनों तक पट्टी (dressings) करनी पड़ती थी। लेकिन आधुनिक SiLaC लेजर तकनीक ने इसे बहुत आसान बना दिया है:
- कोई चीरा नहीं, कोई टांका नहीं: इसमें केवल एक पतली लेजर फाइबर को नली में डालकर उसे अंदर से पूरी तरह सील कर दिया जाता है।
- उसी दिन छुट्टी (Daycare): मरीज सुबह अस्पताल आता है, आधे घंटे का लेजर प्रोसीजर होता है, और शाम को वह अपने घर जा सकता है।
- कम दर्द: पारंपरिक सर्जरी की तुलना में इसमें दर्द लगभग न के बराबर होता है।
अहमदाबाद में सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर
अहमदाबाद में Procto Surgical Hospital में कार्यरत Dr. Saurabh Patel बालतोड़ के सबसे अनुभवी और प्रसिद्ध विशेषज्ञ हैं। वे अब तक 10,000 से अधिक सफल लेजर ऑपरेशन कर चुके हैं। उनके केंद्र पर कैशलेस मेडिक्लेम की सुविधा भी उपलब्ध है।